कोरोना महामारी के बीच राजधानी दिल्ली समेत देशभर में रविवार को मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए नीट का आयोजन हुआ। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार इस परीक्षा को टच फ्री नीट का नाम दिया गया। दिल्ली के करीब 111 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई। परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार दिल्ली में परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा सके। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे कैंडिडेट्स का तापमान चेक करने के बाद ही एंट्री दी गई। जिनका तापमान 99.4 था उन्हें ही एंट्री दी गई।
परीक्षा का राजनैतिक दलोंं और छात्र कर रहे थे विरोध
कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले कुछ दिनों से छात्रों और आम आदमी पार्टी, कांग्रेस से लेकर कई राजनैतिक पार्टियों द्वारा नीट और जेईई परीक्षा आयोजन को चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना को देखते हुए पुख्ता इंतजाम के साथ जेईई -नीट परीक्षा करवाने के निर्देश दिए।
इसे देखते हुए इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा केंद्र बढ़ा दिए , ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के पालन सही से हो सके। देशभर में परीक्षा केंद्रों की संख्या 2546 से बढ़ाकर 3843 कर दी गई है, वहीं हर कमरे में उम्मीदवारों की संख्या को 24 से घटाकर 12 कर दिया गया। बता दें कि कोरोना के चलते नीट को दो बार आगे बढ़ाया जा चुका है। पहले यह परीक्षा 3 मई को होनी थी और फिर बाद में इसे 26 जुलाई के लिए आगे बढ़ा दिया गया था। दिल्ली में परीक्षा के लिए 53993 छात्रों का रजिस्ट्रेशन था।
मेट्रो और रेलवे ने भी किए थे नीट परीक्षा को लेकर इंतजाम
नीट की परीक्षा को लेकर दिल्ली मेट्रो और रेलवे की ओर से भी खास इंतजाम किए गए थे। दिल्ली मेट्रो ने जहां फेज- 3 के सभी कॉरिडोर पर सुबह 6 बजे से ही मेट्रो सर्विस शुरू कर दी। वहीं रेलवे की ओर से जींद, रेवाड़ी, करुक्षेत्र, शामली, चंडीगढ़, करनाल, कोसीकलां और सहरानपुर से दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गईं।
परीक्षार्थियों के परिजनों को 300 मीटर पहले रोका
कोरोना संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए परीक्षा केन्द्रों पर रविवार को परिजनों को परीक्षा केंद्र से 300 मीटर दूर रोक दिया गया। सिर्फ छात्र को एनटीए के स्लॉट टाइम के आधार पर परीक्षा केंद्र में जाने की इजाजत दी गई। परीक्षा केंद्र के बाहर सड़क पर छह-छह फीट दूर सर्कल बनाए गए। ताकि एंट्री के दौरान दूरी बनी रहे। यहीं से रजिस्ट्रेशन किया गया। लड़के और लड़कियों के दो अलग-अलग रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए गए।
परीक्षा केन्द्र पर समय से पहले पहुंचना पड़ा
नीट की परीक्षा बेशक 2 बजे शुरू होना तय किया गया, लेकिन स्लॉट टाइम सुबह 11 बजे से ही शुरू कर दिया गया। दूसरा स्लॉट 11:40 पर किया गया। पहले एक केंद्र में 300 छात्र होते थे, जबकि इस बार परीक्षा केन्द्रों पर 150 छात्र की संख्या तय की गई। इस बार परीक्षा में छात्र का मिलान लिखावट और डिजिटल हस्ताक्षर से किया गया। इससे पहले परीक्षा केंद्र में छात्र को अंगूठा लगाना पड़ता था। अलग-अलग ग्रुप में सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए छात्रों को क्लास रूम में लाया गया। क्लास रूम में हैंड सेनिटाइजर रखे गए थे।
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